Welcome to

Showing posts with label Home Remedies. Show all posts
Showing posts with label Home Remedies. Show all posts

अंगूर एक अमृत समान फल

 अंगूर
जिसे अंग्रेजी में ग्रेप्स 
शुद्ध हिंदी और संस्कृत में द्राक्ष 
और आम भाषा में अंगूर नके नाम से जाना जाने वाला यह फल बहुत ही गुणकारी होता है,
अंगूर एक बलवर्घक एवं सौन्दर्यवर्घक फल है।
 इसे खाने के लिए न आपको छिलका निकालने का झंझट न बिज निकालने की परेशानी.
वैसे अंगूर दो तरह के होते हैं.
हल्के हरे रंग के और काले रंग के
 अंगूर को एक खस  प्रक्रिया के तहत सुखाकर किशमिश का रूप भी दिया जाता है.
 यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। 
 पका हुआ अंगूर तासीर में ठंडा और मीठा होता है। 
यह स्वर को शुद्ध बनाता है तथा आँखों के लिए हितकर होता है। 
अंगूर में ग्लूकोज, मैग्नीशियम और साइट्रिक एसिड जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. 
कई बीमारियों में राहत के लिए अंगूर का सेवन करना फायदेमंद होता है. 
टीबी, कैंसर और ब्लड-इंफेक्शन जैसी बीमारियों में मुख्य रूप से फायदेमंद होता है.
अंगूर वीर्यवर्घक, रक्त साफ करने वाला, रक्त बढाने वाला तथा तरावट देने वाला फल है। 
अंगूर में जल, शर्करा, सोडियम, पोटेशियम, साइट्रिक एसिड, 
फलोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैगनेशियम 
और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। 
मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी अंगूर बेहद फायदेमंद है.
अंगूर ह्रदय (दिल) की दुर्बलता को दूर करने के लिए बहुत गुणकारी है। 
ह्रदय रोगी को नियमित अंगूर खाने चाहिएं। 
ये ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने का काम करता है.
अंगूर के सेवन से फेफडों मे जमा कफ निकल जाता है, 
इससे खाँसी में भी आराम आता है। 
अंगूर जी मिचलाना, घबराहट, चक्कर आने वाली बीमारियों में भी लाभदायक है। 
श्वास रोग व वायु रोगों में भी अंगूर का प्रयोग हितकर है। 
एक शोध के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में अंगूर का सेवन करना 
बहुत फायदेमंद होता है. 
नकसीर एवं पेशाब में होने वाली रूकावट में भी हितकर है। 
अंगूर का शरबत ""अमृत तुल्य"" है। 
शरीर के किसी भी भाग से रक्त स्राव होने पर अंगूर के एक गिलास ज्यूस में 
दो चम्मच शहद घोलकर पिलाने पर रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है । 
अंगूर का गूदा " ग्लूकोज व शर्करा युक्त " होता है। 
विटामिन "ए" पर्याप्त मात्रा में होने से अंगूर का सेवन " भूख " बढाता है, 
पाचन शक्ति ठीक रखता है, आँखों, बालों एवं त्वचा को चमकदार बनाता है। 
हार्ट-अटैक से बचने के लिए बैंगनी (काले) अंगूर का रस "एसप्रिन" की गोली के समान कारगर है।
 "एसप्रिन" खून के थक्के नहीं बनने देती है। 
बैंगनी (काले) अंगूर के रस में " फलोवोनाइडस " नामक तत्व होता है 
और यह भी यही कार्य करता है। 
पोटेशियम की कमी से बाल बहुत टूटते हैं। 
दाँत हिलने लगते हैं, त्वचा ढीली व निस्तेज हो जाती है, 
जोडों में दर्द व जकडन होने लगती है। इन सभी रोगों को अंगूर दूर रखता है।
 अंगूर फोडे-फुन्सियों एवं मुहासों को सुखाने में सहायता करता है। 
अंगूर के रस के गरारे करने से मुँह के घावों एवं छालों में राहत मिलती है।
अगर आपको भूख नहीं लगती है और इस वजह से ही आपका वजन नहीं बढ़ पा रहा है 
तो आप अंगूर के रस का सेवन कर सकते हैं. 
इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है साथ ही भूख भी लगने लग जाती है.
 एनीमिया (खून की कमी)  में अंगूर एक बढ़िया दवाइ का काम करता है। 
खून की कमी को दूर करने के लिए भी 
एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलाकर पीने से 
खून की कमी दूर हो जाती है. यह हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है. 
उल्टी आने व जी मिचलाने पर अंगूर पर थोडा नमक व काली मिर्च डालकर सेवन करें। 
पेट की गर्मी शांत करने के लिए 20-25 अंगूर रात को पानी में भिगों दे 
तथा सुबह मसल कर निचोडें तथा इस रस में थोडी शक्कर मिलाकर पीना चाहिए। 
गठिया रोग में अंगूर का सेवन करना चाहिए। 
इसका सेवन बहुत लाभप्रद है क्योंकि यह शरीर में से उन तत्वों को बाहर निकालता है 
जिसके कारण गठिया होता है। 
अंगूर के सेवन से हडि्डयाँ मजबूत होती हैं। 
अंगूर के पत्तों का रस पानी में उबालकर काले नमक मिलाकर पीने से 
गुर्दो के दर्द में भी बहुत लाभ होता है। 
भोजन के आघा घंटे बाद अंगूर का रस पीने से खून बढता है 
और कुछ ही दिनों में पेट फूलना, बदहजमी आदि बीमारियों से छुटकारा मिलता है। 
अंगूर के रस की दो-तीन बूंद नाक में डालने से नकसीर बंद हो जाती है।
----------------------------------------------------
----------------------------------------------------

घरेलू नुख्से

* रजाई और तकिए के गिलाफ धो कर 
आखिरी बार खंगालते समय पानी में 
थोड़ा सिरका मिला दीजिए सिरके के अम्ल से कपड़ों से 
साबुन का क्षार उतर जाता है।  
इससे गिलाफ एकदम मुलायम हो जाते हैं। 
गिलाफ धोकर उसे फिर से रजाई पर आसानी से 
चढ़ाने के लिए धोने के बाद गिलाफ को उलटा सुखा दें।

*
अगर आप के यहाँ मेटल का डस्टबिन है तो 
आप उसके अंदर से आने वाली बदबू से 
जरूर परेशान रहती होंगे ।
मेटल के कूड़ेदान की दुर्गंध समाप्त करने के लिए 
उसमें पुराने अखबार डाल कर आग लगा दें। 
आग तत्काल दुर्गंध को समाप्त कर देगी।

*
कभी-कभी टॉयलेट में अचानक ही 
बहुत बदबू आने लगती है। 
बारिश के यह समस्या ज्यादा होती है। 
थोड़ी देर के लिए इसे हटाने के लिए 
माचिस की एक तीली जला देना भर काफी है।

*
आपके घर भी यदि खारा पानी आता है 
और आपके बाथरूम में हर चीज इसकी वजह से 
सफेद हो गई है तो आप इन सभी को 
पैराफिन से साफ कर सकती हैं। 
इससे बाथरूम का फर्श, बाथ टब और टोंटियाँ 
बहुत अच्छी तरह साफ हो जाती हैं। 
इससे न केवल वहाँ पर जमे साबुन की चिकनाई 
और मैल छूट जाता है बल्कि पैराफिन से 
इनकी चमक भी लौट आती है।

*
बाथरूम में अकसर पानी की टपकने से 
या कहीं-कहीं पानी जमने से बने भूरे धब्बों को हटाने के लिए 
नमक और सिरके की बराबर मात्रा के मिश्रण से 
दूर किया जा सकता है। 
टब, बाल्टी या पानी भरने के दूसरे बर्तन में भी 
यदि सफेदी जमा हो गई हो तो इसी विधि को 
आप उन पर भी आजमा सकती हैं। 
मिश्रण को कुछ मिनट दाग पर लगा रहने दें, फिर धो डालें।

*
घरेलू उपयोग में आने वाले नौसादर को पानी में 
मिला कर क्रोमियम की चीजों और कार को 
साफ किया जा सकता है,  
लेकिन इस घोल से धोने के बाद यदि 
आप फिर से पॉलिश करना चाहें तो पहले उस वस्तु को  
अच्छी तरह सुखा लें। 
ताँबे और पीतल की चीजों पर लगे हरे-नीले दाग को भी 
 नौसादर और नमक मिले घोल से साफ किया जा सकता है। 
घोल से धोने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह सुखा लें।

*
काँच के मैले फूलदान में पानी भर कर उसमें 
थोड़ा ब्लीचिंग पाउडर मिला कर रखने से 
मिनटों में फूलदान जगमगा उठेगा। 
सिगरेट या सिगार की राख को बराबर मात्रा में मिला लें। 
इसमें दो-तीन बूँद कोई भी वनस्पति तेल मिलाकर 
पेस्ट जैसा बना लें। इस पेस्ट से 
फ्रेंच पालिश की गई लकड़ी पर से 
 कोई भी दाग मिटाए जा सकते हैं।

*
कॉकरोच की समस्या लगभग सभी घरों में होती है। 
 कॉकरोच को दूर भगाने के लिए 2 टेबलस्पून बोरिक पाउड़र 
 और 2 टेबलस्पून गेहूँ के आटे को दूध में मिलाकर गूँथ ले। 
 इनकी छोटी गोलियाँ बनाकर जिस जगह कॉकरोच हों वहाँ रख दें।

*
किताबों की रेक पर कुछ सूखी नीम की पत्तियाँ रखें 
 इससे किताबें कीड़ों से सुरक्षित रहेंगी। 
 चंदन की लकड़ी भी रखी जा सकती है।

*
काली चींटियों को भगाने के लिए उस जगह थोड़ा आटा 
और शक्कर मिलाकर बुरक दें चींटियाँ चली जाएँगी।

*
डाइनिंग टेबल को पोंछने के लिए 
 पानी में नमक मिलाकर पोंछे मक्खियाँ नहीं आएँगी।

*
ताजे फूलों को ज्यादा दिनों तक तरोताजा 
 बनाए रखने के लिए पानी में सेवन-अप या सोड़ा मिला दें। 
 या फिर थोड़ा सा नमक एवं शक्कर मिलाएँ। 
 इस पानी को रोज बदलतें रहें 
 फूल ताजे एवं खिले-खिले रहेगें।

*
सूखी हुई शू-पालिश में कुछ बूंदे केरोसीन की मिलाने से 
 वह अच्छी हो जाती है।

*
मोमबत्ती को ज्यादा देर तक जलाने के लिए 
 मोमबत्ती को पानी से भरे कप या गिलास में रख दे 
 ज्यादा देर तक जलेगी।

*
कैंची, सुई इत्यादि चीजों को प्लास्टिक के बॉक्स में 
 टेलकम पाउडर डालकर रखें उन पर जंग नहीं लगेगा।

चप्पल या घिसे के निशानों के लिए:

ऐसे निशानों को मिटाने के लिए रबर के इरेजर का 
 इस्तेमाल करें या दो टेबल स्पून बेकिंग पाउडर को 
 थोड़े पानी के साथ घोल लें और साफ सूखे हुए 
 सफेद कपड़े की मदद से इसे निशानों पर रगड़ें। 
 इस घोल की जगह पर टूथपेस्ट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

जंग के निशान के लिए: 
 विनाइल फ्लोरिंग पर से जंग के निशान मिटाने के लिए 
 थोड़े से बेकिंग पाउडर को निशानों पर छिड़क दें 
 और उसके बाद थोड़ी देर के लिए उसे वैसा ही छोड़ दें। 
 फिर सिरके में भिगोए कपड़े से तब तक रगड़ें 
 जब तक कि निशान हलके न पड़ जाएं। 
 निशान मिट जाने पर साफ पानी से धो दें।

कंक्रीट फ्लोर के लिए: 
कंक्रीट फ्लोर पर लगे छोटे-मोटे निशान 
अच्छे डिटरजेंट,स्क्रब ब्रश व एक स्पंज की मदद से 
हटाए जा सकते हैं। 
तेल के निशानों को मिटाने के लिए 
ज्यादा आक्रामक तरीका अपना सकते हैं 
जिसमें कन्सेंट्रेटेड एल्कलाइन सोप को 
फ्लोर पर रगड़ा जाता है, जिससे दाग चले जाते हैं।

मार्बल फ्लोर के लिए: 
मार्बल के फ्लोर से दाग हटाने के लिए 
बेकिंग सोडा और ब्लीच का पेस्ट बना लें 
और निशानों पर फैला दें। 
अब उस जगह को भींगे कपड़े से ढककर 
सारी रात छोड़ दें। सुबह में इसे रगड़ कर साफ कर लें।
 
 
 
ayurvedathome

टूथपेस्ट के अन्य इस्तेमाल

1.टूथपेस्‍ट से आप अपने चांदी और सोने के गहनों को 
साफ कर सकती हैं। बस इसका जरा सा भाग 
अपने टूथब्रश पर लगाएं और फिर इसे गहनों पर रगडे़।

2.इसके इस्‍तमाल से आप लेदर के जूतों को भी 
साफ कर सकते हैं। अगर आपके चमड़े के जूतों पर 
कोई दाग लग गया हो तो उसे ज़रा से टूथपेस्‍ट 
और कपड़े से रगड कर साफ कर लें।

3.अगर आपके किसी भी धातु के उपकरण पर 
 
जंग लग गया हो तो उस पर टूथपेस्‍ट रगडने से 
वह जंग छूट जाएगा।

4.क्‍या आप अपनी हीरे की अंगूठी को चमकाना चाहते हैं। 
अगर हां, तो उस पर टूथपेस्‍ट को 
किसी मुलायम टूथब्रश की सहायता से 
रगडने से वह चमक जाएगी।

5. सीडी या डीवीडी पर स्‍क्रैच को साफ करने के लिए 
इस पर टूथपेस्‍ट रगडे और स्‍क्रैच छुडा लें।

6.कई दिन बीत जाने पर दूध की बोतलों में से 
बदबू आने लगती है।
अगर आपको गंध दूर करनी है तो 
उसमें टूथपेस्‍ट डाल कर साफ करें।

7.कड़ी के रोज़ाना इस्‍तमाल से उसके पट्टे 
बहुत ही गंदे हो जाते हैं। इसलिए इसको साफ करने के लिए 
आप एक कपड़े को पानी में डुबो लें 
और फिर उस पर पेस्‍ट लगा कर पट्टे पर रगड़े। 
इससे पट्टा साफ हो जाएगा और उसपर चमक आ जाएगी।

8.अगर आपकी घर की दीवार बच्‍चे ने क्रियॉन कलर से 
खराब कर दी है तो उसे टूथपेस्‍ट रगड कर साफ करें।

एप्पनल साइडर और सफेद सिरका का प्रयोग

1. अगर आपका किचन ब्‍लॉक हो चुका है,  
तो उसमें आधा कप सिरका, बेकिंग सोडा और नमक डालें। 
इससे जितनी भी गंदी किचन सिंक में जमा होगी,  
वह सब दूर हो जाएगी।

2. अगर किचन में गंदी बदबू आ रही हो,  
तो उसे दूर करने के लिए एक बर्तन में पानी लें 
और उसमें सिरका डाल कर उबाल दें। 
इससे किचन में आ रही बदबू दूर हो जाएगी।

3. बाथटब और वॉश बेसिन से दाग को हटाने के लिए 
एक पेपर टिशू को सिरके में भिगो दें और उसे 
बेसिन पर फैदा कर रखें। उसके बाद सिरके को 
फिर से बेसिन में डालें और उसे स्‍पॉंज से स्‍क्रब करें।

4. बाथरूम में शावर कई दिनों से अगर ब्‍लॉक हो गया है
 उसे खोल कर आधे कप पानी और सिरके में भिगों दें। 
इससे सारी जमी मैल साफ हो जाएगी 
और पानी दुबारा तेज आने लगेगा।

5. साफ टॉयलेट को बरकरार रखने के लिए
 थोड़ा सा सिरका डाल कर उसके ऊपर से 
बेकिंग सोडा छिड़क दें। फिर उसे ब्रश की सहायता से 
स्‍क्रब करें और फ्लश चला दें।

6. सिरेमिक टाइल को साफ करने के लिए 
अगर आधी बाल्‍टी में थोडा सा सिरका डाल कर 
पोंछा लगाया जाएगा, तो वह चांदी जैसे चमक उठेगें।

7. छोटी सी बाल्‍टी में पानी लें और उसमें 
एक कप सिरका मिलाएं। अब उसमें अखबार को डिप कर के 
आराम से खिड़कियों को पोंछा जा सकता है। 
उसके बाद उन्‍हीं खिड़कियों को सूखे अखबार से पोंछ दीजिये,  
जिससे वह धूल-मिट्टी औद अन्‍य दाग से साफ हो जाएं।

8. पुराने घरों के आंगन में अगर घांस-फूंस उग आए हों
 तो उनके ऊपर सिरका डाल दीजिये। 
यह न केवल उन्‍हें उगने से रोकेगा बल्कि 
अगर घर में चीटियां या कीड़े भी आते होंगे,  
तो वही भी चले जाएंगे।

ayurvedathome

सोडा का प्रयोग

सोडा का प्रयोग


1. माइक्रोवेव: माइक्रोवेव को साफ करने का लिए 
एक चम्मच सोडे में एक चम्मच नीबू का रस मिलाइये 
और स्क्रब से दाग-धब्बे को साफ कीजिये।

2.
किचन स्लैब: लगातार खाना बनने की वजह से 
किचन की स्लैब एकदम काली हो जाती है। 
उसमें चिकनाई जम जाती है जिसे साफ करना 
काफी मुश्किल होता है। इस पर थोड़ी देर कुनकुने पानी में 
मिला हुआ सोडा डाल दीजिये औऱ दस मिनट के लिए 
 छोड़ दीजिये और उसके बाद स्क्रब से साफ कर दीजिये।

3.
जले बर्तन: साबुन मिले पानी में बेकिंग सोडा मिलाइये 
और रात भर इस घोल को जले बर्तन में डाल कर छोड़ दीजिये। सुबह आप इसे रगड़कर धो लीजिये। 
बर्तन नये जैसे चमकने लगेंगे।

4.
फ्रीज: सोडा से आईस प्लेट को भी साफ कर सकते हैं। फ्रीज साफ करने के लिए फ्रीज के अंदर आप बेकिंग सोडा को छिड़क दीजिये। उसके आधे घंटे बाद गीले कपड़े से साफ कर लीजिये।

5.
किचन सिंक्स और बेसिन: गर्म पानी में सोडा मिलाइये 
और साबुन का घोल उसके बाद 
अपने किचन सिंक और बेसिन को रगड़िये

6.
कार्पेट: कार्पेट जैसी जटिल चीज को साफ करने के लिए 
पूरे कार्पेट पर सोडे की अल्प मात्रा छिड़क दीजिये 
उसके आधे घंटे के बाद आप वैक्यूम क्लिनर से 
पूरे कार्पेट को साफ कर लीजिये। 
कार्पेट से बदबू निकल जायेगी।

7.
चांदी के गहने और बर्तन: 
अक्सर पानी और पसीने के चलते चांदी के बर्तन  
काले हो जाते है। 
इन्हें साफ करने के लिए आप बेकिंग सोडे में पानी मिलाकर  
गाढ़ा पेस्ट बनाइये। इस पेस्ट को बर्तन पर रगड़िये 
और उसके बाद धो लीजिये।  
बर्तन और गहनों की कालिमा छू-मंतर हो जायेगी।
 
ayurvedathome

सफ़ेद दाग के लिए घरेलू उपचार

व्हाइट त्वचा पैच (vitiligo) सफ़ेद दाग

1 चम्मच चावल का पाउडर के प्रत्येक, 
चंदन पाउडर और हल्दी पाउडर के साथ मिश्रण शहद के 2 tablespoons. 
यह आपके चेहरे पर लगाए और 10 मिनट के बाद धो डालें. 
यह एक सफाई एजेंट के रूप में कार्य और सफेद धब्बे की उपस्थिति को रोकेगा.

काली मिर्च ५ दाने सुबह-शाम लेने से सफ़ेद दाग में फ़ायदा होता है।

5 मिनट के लिए सफेद धब्बे पर अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा रगड़ो. 
ऐसा करने से त्वचा कोशिकाओं को उत्तेजित और 
सफेद धब्बे के लिए रक्त परिसंचरण में सुधार होगा,

तांबे के बर्तन में पानी डालो और यह रातोरात रखना. इसे अगली सुबह खाली पेट पियो.

एलोवेरा जेल आधा कप मात्रा में रोज सुबह लेते रहने से सफ़ेद दाग नियंत्रण में आ जाते हैं।

गोभी के पत्तो का रस निकालकर उसे प्रभावित जगहो पर लगाए

कुछ अदरक का रस और नींबू का रस निकालकर इसे पानी के साथ मिक्स और इसका उपभोग करे

अखरोट और अंजीर एक महीने नियमित रूप से लेने पर भी 
सफेद धब्बे और पैच से छुटकारा प्राप्त करने में मदद करते हैं.

तुलसी का तेल प्रभावित क्षेत्र पर लगाए

मूली के बीज के बारे में 25 ग्राम पीस और उन्हें 2 चम्मच सिरका में पीसकर 
प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएँ,

दस लीटर पानी में आधा किलो हल्दी का पावडर मिलाकर 
तेज आंच पर उबालें जब ४ लीटर के करीब रह जाय तब उतारकर ठंडा करलें 
और इसमें आधा किलो सरसों का तेल मिला दें,
यह दवा सफ़ेद दाग पर दिन में दो बार लगावें। 
४-५ माह तक ईलाज चलाने पर अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।

लाल मिट्टी और अदरख का रस बराबर मात्रा में लेकर 
घोटकर पेस्ट बनालें। सफेद धब्बो पर लगाए

पथरी के लिए घरेलू उपचार


 

अगर किसी कारण से पेशाब गाढा हो जाता है तब

शरीर में पथरी होना शुरू हो जाता है।

पहले छोटे-छोटे दाने बनते हैं बाद में दाने बढ जाते हैं 
जिसे पथरी कहते हैं।

आजकल हर दूसरा व्यक्ति पथरी की समस्या से परेशान है।

पथरी होने की कोई उम्र नहीं होती है
 यह किसी भी उम्र में हो जाती है।

पथरी होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।

शरीर में पानी की कमी होने से गुर्दे में पानी कम छनता है।

पानी कम छनने से शरीर में मौजूद कैल्शियम,

यूरिक एसिड और दूसरे पथरी बनाने वाले तत्व 
गुर्दे में फंस जाते हैं

जो बाद में धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं।

शरीर में अम्लता बढने से लवण जमा होने लगते है

और जम कर पथरी बन जाते है .

शुरुवात में कई दिनों तक मूत्र में जलन आदि होती है ,

जिस पर ध्यान ना देने से स्थिति बिगड़ जाती है .

जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं !

(काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं )

क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे

अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है |
मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे

जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है 
लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है ,

इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए |

किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनोद जैन का कहना है कि

दूध व बादाम का नियमित सेवन से पथरी की संभावना 
कम होती है।

गुर्दे की पथरी एक बार होने के बाद दोबारा भी हो सकती है।

खान-पान पर नियंत्रण रखकर पथरी की आशंका को 
कम कर सकते हैं।

डॉ. जैन के अनुसार खासतौर पर गर्मियों में

दो से ढाई लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।

पेशाब का रंग यदि पीला है तो यह समझ जाएं कि

शरीर में पानी की मात्रा कम है।

- मूत्र रोग संबंधी सभी शिकायतों यथा प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने से

पेशाब का रुक-रुक कर आना, पेशाब का अपने आप निकलना

(युरीनरी इनकाण्टीनेन्स), नपुंसकता, मूत्राशय की पुरानी सूजन 
आदि में

गोखरू 10 ग्राम, जल 150 ग्राम, दूध 250 ग्राम को पकाकर 
आधा रह जाने पर

छानकर नित्य पिलाने से मूत्र मार्ग की 
सारी विकृतियाँ दूर होती हैं ।
-
गिलास अनन्नास का रस, १ चम्मच मिश्री डालकर 
भोजन से पूर्व लेने से

पिशाब खुलकर आता है और पिशाब सम्बन्धी अन्य 
समस्याए दूर होती है


आयुर्वेदिक इलाज

सबसे पहले आप सोनोग्राफी करवा के पता करें की

पथरी कितने साइज़ की है|

पखानबेद नाम का एक पौधा होता है !

उसे पथरचट भी कुछ लोग बोलते है !

उसके पत्तों को पानी मे उबाल कर काढ़ा बना ले !

और आधा आधे या एक कप काढ़ा रोज पीएं |

15 दिन बाद सोनोग्राफी करवाइए ,

मात्र 7 से 15 दिन मे पूरी पथरी खत्म हो जायेगी

या फिर टूट कर आधी हो जायेगी

और कई बार तो इससे भी जल्दी खत्म हो जाती है

पथरी से बचने के लिए निम्न चीजों का सेवन अधि करें

- मूली और उसकी हरी पत्तियों के साथ सब्जी का सुबह सेवन करें .
-
६ ग्राम पपीते को जड़ को पीसकर ५० ग्राम पानी मिलाकर 

२१ दिन तक

प्रातः और सायं पीने से पथरी गल जाती है।


-: नारियल पानी :-

इसमें जैविक परमाणु होते हैं जो खनिज पदार्थो को 
उत्पन्न होने से रोकते हैं

अर्थात् पथरी को बनने से रोकते हैं।

नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है।

पथरी होने पर नारियल का पानी पीना चाहिए।
15
दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी

और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर

सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।
 

-: पका हुआ जामुन :-

पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।


-: बार्ली :-

यह पथरी को बढ़ने से रोकता है अथवा नष्ट करने में सफल माना गया है।


-: अनन्नास :-

इसमें एंजाइम्स होते हैं जो फैब्रिन का नाश करते हैं।


-: केला :-

इसमें पाई जाने वाली विटामिन बी 6 : आक्सेलिक एसिड में परिवर्तित होती है

और पथरी को बनने से रोकती है।


-: नींबू, संतरा, मुसम्मी :-

इसमें पाया जाने वाला सिट्रेट पथरी की उत्पत्ति पर रोक लगाने में मददगार साबित होता है।


-: आंवला :-

भी पथरी में बहुत फायदा करता है।

आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी 
निकल जाती है।

- जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ 
दिन में तिन बार लेने पर

पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।


-: सहजन की सब्जी :-

खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है।

आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें

और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।
मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर

डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए।

अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए

और पानी में मिलाकर एक घोल बना लीजिए,

इस घोल को पी‍जिए। पथरी निकल जाएगी।


-: चना :-

यह भी पथरी निरोधक पदार्थ माना गया है।


-: गाजर :-

इसमें फॉस्फेट अथवा विटामिन ए पाए गए हैं 
जो पथरी को खत्म करने में मदद करते हैं।


-: करेला :-

इसमें मैग्नीशियम तथा फास्फोरस जैसे पथरी निरोधक तत्व 
पाए जाते हैं।

तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर व दूध के साथ 
लेने से मूत्र पिंड में फ़ंसी पथरी निकल जाती है।
जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर

पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

------------------------------------

आइये अब देखते हैं की किन चीजों के सेवन से 
पथरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है

- पालक, चौलाई और हरे पत्ते वाली सब्जियों में 
अधिक मात्रा में आक्सेलेट तत्व पाए जाते हैं।


-: काले अंगूर :-

काले अंगूरों के सेवन से परहेज करें।

-तिल, काजू अथवा खीरे, आँवला अथवा चीकू (सपोटा) में भी आक्सेलेट अधिक मात्रा में होता है।


-: तरबूज और मशरूम :-

इनमें भी अधिक मात्रा में यूरिक एसिड व प्यूरीन पाई जाती है।

- बैंगन में यूरिक एसिड व प्यूरीन अधिक मात्रा में पाई जाती है।

फूल गोभी में यूरिक एसिड व प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है।

चाय, कॉफी व अन्य पेय पदार्थ

जिसमें कैफीन पाया जाता है,  
उन पेय पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए।

कोल्ड्रिंक बिलकुल मत पीजिए।

अब दोबारा भविष्य मे यह ना बने 

उसके लिए

एक होमियोपेथी मे दवा है CHINA 1000|
प्रवाही स्वरुप की इस दवा के एक ही दिन 

सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद
सीधे जीभ पर डाल दीजिए|

सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए 
फिर भविष्य मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा I

Translate This Page

मेरी एक अन्य लोकप्रिय वेबसाइट \/